Sad Shayari -सैड शायरी

 Sad Shayari -सैड शायरी 

कौन हूँ मैं? ऐ ज़िन्दगी तू ही बता 
थक गया हूँ मैं ख़ुद का पता ढूंढते ढूंढते


Sad Shayari 



हम भीगते हैं जिस तरह 
से तेरी यादों में डूबकर,
इस बारिश में कहां वो
 कशिश तेरे ख़यालों जैसी



उनकी नजर मै फर्क आज भी नही!
पहले मुड़ कर देखते थे अब देख कर मुड़ जाते है।⁠⁠⁠


इस दुनिया मेँ अजनबी रहना ही ठीक है,
लोग बहुत तकलीफ देते है अक्सर अपना बना कर



आगे सफर था और पीछे हमसफर,
रुकता तो सफर छूट जाता और चलता तो हमसफर



वो रोये तो मुँह मोड़के रोये
थी कोई मजबूरी जो मेरा दिल तोड़के रोये
हमारे सामने हमारी तस्वीर तक फाड़ दी
पर हमारे जाने के बाद वो टुकड़े जोड़के रोये



इस इश्क की किताब से 
बस दो ही सबक याद हुए
कुछ तुम जैसे आबाद हुए 
कुछ हम जैसे बर्बाद हुए



तेरी यादों की कोई सरहद होती तो अच्छा था
खबर तो रहती के सफर तय कितना करना है


Sad Shayari Hindi


बस नसीब से हार गए
वार्ना मोहब्बत तो दोनों की सच्ची थी


Sad Shayari




तुझसे कोई वास्ता तो
 नही है अब मेरा
लेकिन तेरे हिस्से का 
वक़्त आज भी तन्हा गुज़रता है


तेरी आँखों मे आंसू थे 
मेरी खातिर,
वो एक लम्हा मुझे
 ज़िन्दगी से प्यारा लगा




तुम्हारा वाला वक़्त, तुम्हारे
 बग़ैर, कटता नहीं, काटता है


अकेले तो हम पहले भी जी रहे थे
क्यों तन्हा से होगये हैं तेरे जाने के बाद


सिर्फ एक बहाने की तलाश में होता है
निभाने वाला भी और जाने वाला भी


एक उम्र है जो तेरे
 बिना बितानी है
एक लम्हा है जो तेरे
 बग़ैर बीतता नहीं


उस शख्स को बिछड़ने
 का सलीका नहीं आता
जाते जाते खुद को 
मेरे पास छोड़ गया




हो जुदाई का सबब कुछ भी मगर
हम उसे अपनी खता कहते हैं
वो तो साँसों में बसी है मेरे
जाने क्यों लोग मुझसे जुदा कहते हैं



​उनके साथ जीने का 
एक मौका दे दे ऐ खुदा!
तेरे साथ तो हम मरने 
के बाद भी रह लेंगे​


ऐब भी बहुत है मुझमे और खूबियां भी
ढूंढने वाले तू सोच तुझे क्या चाहिए मुझमे


तेरे बग़ैर जीने की पहली
 कोशिश में ही हम मरगये


Sad Shayari In Hindi


दिल आज तकलीफ में है
और तकलीफ देने वाला दिल मे

Sad Shayari 

अगर, मगर और काश में हूँ
मैं खुद अपनी तलाश में हूँ



तुमसे ही रूठ कर तुम्ही 
को याद करते हैं
हमे तो ठीक से नाराज़ 
होना भी नहीं आता


फर्याद कर रही है ये 
तरसी हुई निगाह
मिले हुए किसी को 
बहुत दिन गुज़र गए



तू है सूरज तुझे रात 
का क्या मालूम,
तू किसी रोज़ उतर 
मेरे घर मे शाम के बाद


वफ़ाएँ खून में होती है साहब
वरना सब इंसान तो मिट्टी के ही होते हैं


शिकायतों की भी इज़्ज़त है
हर किसी से नहीं की जाती



इजाज़त हो तो तेरे चहेरे को देख लूँ जी भर के
मुद्दतों से इन आँखों ने कोई बेवफा नहीं देखा



अजीब सी बेताबी है तेरे बिना
रह भी लेते है और रहा भी नही जाता


एक एक करके सब उड़ गई,
तेरे वादों तेरी कसमों की सारी तितलियाँ।



जो जले थे हमारे लिए
बुझ रहे हैं वो सारे दिए 
कुछ अंधेरों ने साज़िशें की
कुछ उजालों ने धोके दीये



हो जिनके पास हज़ारों चाहने वाले
वो क्या महसूस करेंगे एक कमी हमारी


 घर बना कर मेरे दिल में वो चली गई है
ना खुद रहती है ना किसी और को बसने देती है



मेरी जान यकीन करना सीख
शक तो सारी दुनिया  करती है




बड़े वफादार है आज कल के रिश्ते
याद हम न करे तो कोशशि वो भी नहीं करते



उसके दिल मे थोड़ी सी जगा मांगी थी मुसाफिरों की तरह
उसने तन्हाइयों का एक समंदर मेरे नाम कर दिया



कमाल करता है तू भी ये दिल
उसे फुरसत नहीं और तुझे चैन नहीं

Sad Shayari For Love



मेरे ज़ख्मों की दवा कौन बनेगा तेरे बाद
हमने तो अपने भी खोदिये तूझे पाने के लिए




आप अब पूछने को आये हैं
दिल मेरी जान मर गया कब का



फिर कोई आया होगा तेरी ज़िन्दगी में
जो तुझे मेरी याद का मौका नहीं देता



Sad Shayari Love 


एक छोटी सी बात पर साथ छोड़ दिया
वो शख्स ज़रूर एक बहाने की तलाश में था



तेरे अंदाज़-ए-जुदाई में बड़ा सलीक़ा है जाना
मुझसे पहले भी किसी और से बिछड़ा है तू



एक मेरे आंसू ही गवाह है मेरी वफाओं के
और दूसरा वक़्त था जो गुज़र गया




कभी टूटा नहीं दिल से तेरी याद का रिश्ता
गुफ़्तगू हो या न हो खयाल तेरा ही रहता है




लाख काटा है तेरी याद को जड़ से मैंने
क्या करूँ फिर ये शजर मुझमे निकल आता है




आदमी अच्छा था
ये सुनने के लिए मरना पढ़ता है



अब नहीं कोई बात खतरे की
अब सभी को सभी से खतरा है




जैसे हैं इस हाथ की दो उंगलियां
ऐसे ही रहती तू मेरे दिल मे धड़कन की तरह




क्यों डर से बंद करते हो आंखें
यकीन करो कोई चूमने से नहीं मरता




सरे बाज़ार निकलूं तो आवारगी की तोहमत
तन्हाई में बैठूं तो इल्ज़ाम-ए-मोहब्बत




जरा ठहर ऐ जिंदगी तुझे भी सुलझा दुंगा
पहले उसे तो मना लूं जिसकी वजह से तू उलझी है


अपनी यादों की खुशबू भी हमसे छीन लोगे क्या
किताब-ए-दिल मे ये सूखा गुलाब ही रहने दो



उसने पूछा ज़िन्दगी किसने बर्बाद की है
हमने उंगली उठाई और अपने ही दिल पे रख दी




ऊंची इमारतों में छुप गया मकान मेरा
कुछ लोग मेरे नसीब का सूरज भी ले गए



दुनिया के सारे परफ्यूम एक तरफ
आपके मेहंदी वाले हातों की खुशबू एक तरफ




दिल चाहता है बड़े करीब से देखूं तुझे
पर ये नादान आंखें तेरे पास आते ही बंद हो जाती है



वो ज़माना नज़र नहीं आता
कुछ ठिकाना नज़र नहीं आता
जान जाती दिखाई देती है
उनका आना नज़र नहीं आता




अजीब सबूत मांगा है उसने मेरी मोहब्बत का
कि मुझे भूल जाओ तो मानूँ मोहब्बत है




भरोसा तो अपनी साँसों का भी नहीं है
हम तो इंसान पर कर बैठे



उस वक़्त भी अक्सर तुझे हम ढूंढने निकले
जिस धुप मे मज़दूर भी छत पे नहीं जाते




कहाँ मांग ली थी कायनात मैंने
जो इतना दर्द मिला
ज़िन्दगी में पहली बार खुदा तुझसे
ज़िन्दगी ही तो मांगी थी




बाद भी तेरे जाने जान
दिल मे रहा अजीब समा
तू तो बस चली गई
तोड़के दिल मेरा यहाँ




बस एक शख्स के हँसने से काम चलता था
हमारे शहर में फूलों की कोई दुकान न थी



बहुत शिकायत आती है तुम्हारे घर से
यूँ सोते हुए मेरा नाम न लिया करो



हमने देखे थे ख्वाब शोलों के
नींद आंखों में जल गई होगी



मैं भेजता रहता हूँ उसे खाली लिफाफे
वो शख्स कहीं मेरा पता भूल न जाये



रास्ते मे कांटे तो आने ही थे
फूल जो हमने गुलाब का चूना था



मैं भी मुंह मे ज़बान रखता हूँ
काश पूछो की मुद्दा क्या है



खामोशियाँ करदे बयान 
तो अलग बात है
कुछ दर्द ऐसे हैं जो 
लफ़्ज़ों में उतरे नहीं जाते



अब बुझा दो ये सिसकते हुए 
यादों के चिराग़,
इनसे कब हिज्र की 
रातों में उजाला होगा




उम्र ने तलाशी ली तो जेबों
 से लम्हे बरामद हुए, 
कुछ ग़म के कुछ नम थे
कुछ टूटे कुछ सही सलामत थे




ना ढूंढ मेरा किरदार दुनियाँ की भीड़ में
वफादार तो हमेशा तन्हां ही मिलते है 

Sad Shayari



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