2 line shayari -दो लाइन शायरी

 2 line shayari -दो लाइन शायरी 

ना हमसफ़र ना किसी हमनशी से निकलेगा 
हमारे पांव का कांटा हमीं से निकलेगा




दोस्ती जब किसी से की जाए 
दुश्मनों की भी राय ली जाए



शाखों से टूट जाएं वह पत्ते नहीं हम
 आंधी से कोई कह दे कि औकात में रहे



आंखों में पानी रखो होठों पर चिंगारी रखो 
जिंदा रहना है तो तरकीबें बहुत सारी रखो


बहुत गुरूर है दरिया को अपने होने पर जो 
मेरी प्यास से उलझे तो धज्जियां उड़  जाएं


नए किरदार आते जा रहे हैं 
मगर नाटक पुराना चल रहा है


हमसे पहले भी मुसाफिर कई गुजरे होंगे 
से कम राह के पत्थर तो हटाते जाते


रोज तारों को नुमाइश में खलल पड़ता है
 चांद पागल है अंधेरे में निकल पड़ता है



वो चाहता था कि कासा खरीद ले मेरा मैं 
उसके ताज की कीमत लगा के लौट आया


बीमार को मर्ज की दवा देनी चाहिए
 मैं पीना चाहता हूं पिला देनी चाहिए


बोतलें खोल कर तो पी बरसो 
आज दिल खोल कर भी पी जाए


2 Line Shayari In Hindi 


मेरी ख्वाहिश है कि आंगन में न दीवार
उठे मेरे भाई मेरे हिस्से की ज़मी तू रख ले




मैं आखिर कौन सा मौसम तुम्हारे नाम कर देता
 यहां हर एक मौसम को गुजर जाने की जल्दी थी



घर के बाहर ढूंढता रहता हूं दुनिया
 घर के अंदर दुनियादारी रहती है


मैं पर्वतों से लड़ता रहा और चंद लोग 
गीली जमीन खोद के फरहाद  हो गए



एक ही नदी के ये दो किनारे दोस्तों 
दोस्ताना जिंदगी से मौत से यारी रखो


अब तो हर हाथ का पत्थर हमें पहचानता है 
उम्र गुजरी हैतिरे शहर में आते जाते


ये हवाएं उड़ न जाएं ले के काग़ज का  बदन 
दोस्तों मुझ पर कोई पत्थर जरा भारी रखो


मैं ने अपनी खुश्क आंखों से लहू छलका दिया
 एक समंदर कह रहा था मुझ को पानी चाहिए


मजा चखा के ही माना हूं मैं भी दुनिया को
 समझ रही थी कि ऐसे ही छोड़ दूंगा उसे



रोज पत्थर की हिमायत में ग़ज़ल लिखते हैं 
रोज शीशों से कोई काम निकल पड़ता है


2 Line Shayari  Hindi 


मैं आ कर दुश्मनों में बस गया
हूं यहां हमदर्द है दो-चार मेरे



खयाल था कि ये पत्थर रोक दे चल कर 
जो होश आया तो देखा लहू लहू हम थे



सूरज सितारे चांद मिरे साथ में रहे 
जब तक तुम्हारे हाथ मिरे हाथ में रहे



कालेज के सब बच्चे चुप हैं कागज की एक नाव के 
लिए चारों तरफ़ दरिया की सूरत फैली हुई बेकारी है


शहर क्या देखे कि हर मंजर में छाले पड़
 गए ऐसी गर्मी है कि पीले फूल काले पड़ गए


हम अपनी जान के दुश्मन को अपनी जान कहते हैं
 मोहब्बत की इस मिट्टी को हिंदुस्तान कहते हैं


जानबूझकर दिल तोड़ते हैं वह लोग जिन्हें 
पता होता है कि यह दिल उसका गुलाम है



एक मुलाकात का जादू कि उतरता ही नहीं 
तिरी खुशबू मिरी चादर से जाती नहीं जाती है



तौबा का ख्याल खुशकिस्मती है क्योंकि
 जो गुनाह को गुनहा ना समझे वो बदकिस्मत है



तौबा ज़बान से नहीं होती  बल्कि 
अमल और बुरी बातों के बचने से होती है



एक इंसान का काम और उसका कलाम उसकी जिंदगी के 
बाद भी लोगों के फायदे का सबब बने यह सरासर खुदाई इनाम है


2 line shayari love 


वो बिल्कुल ठीक है अपनी जगह पर बस
 हम ही जरूरत से ज्यादा उससे उम्मीद कर बैठे


उस इंसान के लिए कभी मत रोना जो तुम्हें
 अकेले में रुला कर महफिल में मोहब्बत जताता हो



कौन कहता है वक्त बहुत तेज है
 किसी का इंतजार करके देखो


क्या करें मेरी मसीहाई भी करने वाला 
जख्म ही ये मुझे लगता नहीं भरने वाला


हम ना बदलेंगे वक्त की रफ्तार के साथ 
हम जब भी मिलेंगे अंदाज़ पुराना ही होगा


किसी ने थोड़ा सा वक्त दिया था मुझे 
मैंने आज तक उसे संभाल कर रखा है



अकड़ तोड़नी है उन मंजिलों की
 जिनको अपनी ऊंचाई पर गुरूर है



उनसे इश्क था 
मुझे आज भी है


मुझसे दूरियां बना कर तो देख 
फिर पता चलेगा कितना नजदीक हूं मैं


मैं चुपके से टूटा था गिरता 
तो शोर हो जाता


2 line shayari on love 



नादान आईने को क्या खबर की 
एक चेहरा चेहरे के अंदर भी होता है


नफरत मत करना हमसे हमे बुरा लगेगा 
बस प्यार से कह देना तेरी जरूरत नहीं


काश मोहब्बत में भी चुनाव होते
 गजब का भाषण देते तुम्हें पाने के लिए


कुछ इस तरह उस फ़कीर ने जिंदगी की 
मिसाल दी मुट्ठी में धूल और हवा में उछाल दी


मोहब्बत जिंदगी बदल देती है 
मिल जाए तब भी ना मिले तब भी


किस्मत में होगा वह चल कर आएगा और
 जो नहीं होगा वह आकर भी चला जाएगा


कुछ लोगों की मोहब्बत भी सरकारी होती है ना तो 
फाइल आगे बढ़ती है ना ही मामला बंद होता है


जमाना खिलाफ हो मेरे क्या फर्क पड़ता है
 मैं तो आज भी जिंदगी अपने अंदाज में जीता हूं



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